Dev uthani gyaras prabodhini Ekadashi Vrat ki sampurna Puja Vidhi (देवउठनी ग्यारस या प्रबोधिनी एकादशी व्रत की संपूर्ण पूजा विधि)

देवउठनी ग्यारस के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा-अर्चना की जाती है। देवउठनी ग्यारस के दिन भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। इस दिन विष्णु भगवान जी की पूजा आस्था, विश्वास और लगन और के साथ करना चाहिए।जो व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु जी का पूजन करता है वह पाप मुक्त तो होता ही है,साथ में उसे शुभ फल मिलता है और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।
देवउठनी ग्यारस या प्रबोधिनी एकादशी पूजा विधि-
1- इस एकादशी में सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए
2- इस दिन यदि नदि या कुएं पर स्नान करते हैं तो वह बहुत ही शुभ माना जाता है।
3- सूर्य उदय होने से पहले ही व्रत का संकल्प लेना चाहिए और पूजा अर्चना करना चाहिए
4- सूर्य उदय होने के पश्चात सूर्य भगवान को अर्ध्य अर्पित करना चाहिए।
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वीडियो देखें- तुलसी विवाह संपूर्ण पूजा विधि-


ऐसे करें भगवान विष्णु जी की पूजा
1- सबसे पहले पटे पर पीला कपड़ा बिछाए।
2- इसके बाद भगवान विष्णु जी की प्रतिमा को पटे पर स्थापित करें।
भगवान विष्णु जी को इस मंत्र के द्वारा योगनिद्रा से उन्हें जगाएं-
उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये। त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्सुप्तं भवेदिदम्
उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव। गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥
शारदानि पुष्पाणि गृहाण मम केशव।
3- इसके बाद भगवान विष्णु को पवित्र जल से स्नान कराएं।
4- इसके बाद भगवान विष्णु को तिलक लगाएं।
5- तत्पश्चात विष्णु जी को फूलों की माला चढ़ाएं।
6- फिर दीप प्रज्वलित करें।
7- उसके बाद भगवान विष्णु जी को भोग अर्पित करें
8- यह सब हो जाने के बाद विष्णु भगवान जी की आरती करें


इसके बाद भगवान  श्री हरि विष्णु जी से क्षमा याचना करें, कि हे प्रभु हमसे जाने अनजाने में पूजा के समय जो भी त्रुटियां हुई हैं। आप उन्हें हमें अपना बालक समझकर माफ करें। भगवान सभी की प्रार्थनाओं को सुनते हैं। वह आपकी भी प्रार्थना को जरूर सुनेंगे और सभी कष्टों को आपसे दूर करेंगे,और घर में सुख समृद्धि हमेशा बनी रहेगी।
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वीडियो देखें-
1- देव उठनी एकादशी पूजा विधि और मंत्र-


2- देव उठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कब और क्यों मनाई जाती है? और इसका महत्व-

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